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कटरीना कैफ

कटरीना कैफ जन्म नाम:कटरीना कैफ

जन्म तिथि:16 जुलाई, 1984

जन्म स्थान:होन्ग कोंग

परिवार: पिता:मोहमाद कैफ; माँ:सुज्ज़न; बहनें: सात

पहली फिल्म:बूम

पहली सफल फिल्म:मैंने प्यार क्यों किया

उपनाम: केट

कटरीना कैफ आज बॉलीवुड की सबसे सफलतम अभिनेत्रियों में गिनी जाती है| पर कुछ समय पहले तक उन्हें हिंदी तक नही आती थी| कटरीना ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिय बेहद मेहनत की और न सिर्फ हिंदी बोलना सिखा पर यहाँ के तौर तरीके भी समझने की कोशिश करी| लन्दन में पली बड़ी और अपना करियर शुरू करने वाली कटरीना का अपना पहला मौका फिल्म बूम में मिला जो की बेहद नाकाम फिल्म थी| इस फिल्म में कटरीना ने जम कर अंग प्रदर्शन किया पर वे नाकाम रही| पर उन्होंने हिंदी और अपने नृत्य पर मेहनत की और एक सफलतम अभिनेत्री के रूप में उभरी| पर उन्होंने हिंदी और अपने नृत्य पर मेहनत की और एक सफलतम अभिनेत्री के रूप में उभरी| कटरीना अपनी पेशेवर जिंदगी के विपरीत व्यक्तिगत जिंदगी में सरल लड़की की तरह रहती है और अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को मीडिया से दूर रखती है|

करियर

कटरीना कैफ ने अपने करियर की शुरुआत 14 साल की उम्र में मोडेल्लिंग से की| उनका पहला मोडेल्लिंग अभियान गहनों के लिए था| फिर उन्होंने "ला सेंजा" और "अर्कादीउस" के लिय मोडेल्लिंग की| उन्हें कैजाद गुस्ताद ने खोजा और बाद में अपनी फिल्म बूम (2003) में एक किरदार दिया|

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Tees Maar Khan

असफल फ़िल्मो से जूझ रहे हिन्दी सिने जगत की सारी उम्मीदें फराह ख़ान की तीस मार ख़ान पर टिकी है| ओम शांति ओम और मैं हूँ ना की सफलता को भुनाने के लिए, फराह ख़ान उसी तर्ज़ पर लाई है तीस मार ख़ान| फराह ख़ान का एक ही मकसद होता है – दर्शकों को मसाला फिल्में देना जिनको देखते वक़्त वेकोई सवाल जवाब ना करें, अपना दिमाग़ ना लगाए| इस फिल्म को देखने  के लिए भी आपको दिमाग़ पूरी तरह से घर छोड़ कर आना होगा क्योंकि तीस मार ख़ान फराह ख़ान की पिछली दोनो फिल्मों से भी एक कदम आगे है|

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रणबीर का गजब अभिनय

jab prem ki gajab kahani

गंभीर विषयों के लिए चर्चित निर्देशक राज कुमार संतोषी ने जब ‘अंदाज़ अपना अपना’ बनाई, तो उन्होने ये साबित कर दिया था के वो हास्य पर भी अपनी पकड़ मजबूत रखते है|और अब एक लंबे समय के बाद, संतोषी हाज़िर है अपनी नयी फिल्म ‘अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी’ के साथ|

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Tees Maar Khan

ओम शांति ओम के बाद फराह ख़ान दर्शकों के लिए लाई है तीस मार ख़ान| अब तक शाहरुख के साथ काम करने वाली फराह ने इस बार अक्षय-कटरीना की चहेती जोड़ी का साथ लिया है| जिस तरह की मौज मस्ती और नासमझ हास्य फराह ख़ान की फिल्मों मे देखने को मिलती है, कुछ उसी तरह का हास्य तीस मार ख़ान में देखने को मिलेगा|

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rajneeti

निर्देशक प्रकाश झा हमेशा से ही अपनी सुलझी फ़िल्मो और बेहतरीन निर्देशन के लिए जाने जाते है| ‘गंगाजल’, ‘अपहरण’ जैसी सटीक और सफल फ़िल्मो के बाद, झा अब लाए है ‘राजनीति'|

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नमस्ते लन्दनमनोज कुमार की "पूरब आर पस्चिम" के बाद विपुल शाह ने उसी संकल्पना को फिर से उठाया है और बेहतरीन तरीके से दर्शकों के सामने पेश किया है| हालाँकि दोनो फ़िल्मे विदेश मे बसे भारतीयों पर है पर उनकी समानता वही ख़त्म हो जाती है|

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singh is king

आनीज़ बाज़मी की 'नो-एंट्री' और 'वेलकम' के बाद हास्य की कड़ी मे तीसरी फिल्म आई है 'सिंग इस किंग'| आनीज़ बाज़मी ने 70-80 के दशक मे बनने वाली नासमझ हास्य फिल्मों का दौर फिर से शुरू कर दिया है जिसे लोगो ने काफ़ी सराहा है|

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पार्टनरकॉमेडी के बादशाह डेविड धवन का निर्देशन हो, गोविंदा की कॉमिक सेंस और सलमान ख़ान के अभिनय में नये रंग देखने को मिले फिर तो फिल्म के मनोरंजक होने की गारंटी मिल जाती है| अब यह बात अलग है कि डेविड धवन की किसी फिल्म में तर्क ढूँढना बेकार है | यह फिल्म भी दिमाग़ को घर छोड़कर देखने जाएँ तो जबरदस्त ठहाकों की गारंटी है| यह फिल्म हॉलीवुड की 'हिच'(2005) से प्रेरित है लेकिन हमारी इस देशी फिल्म का हास्य भी विशुद्ध देशी है और यही मूल फ़र्क है पार्टनर व हिच में|

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welcomeवेलकम की मस्ती,हास्य,पागलपन की दुनिया में अनीज बाज़मी फिर से एक बार दर्शकों का वेलकम करते है.'नो एंट्री' की सफलता के बाद नासमझ हास्य की कड़ी मे ये दूसरी फिल्म है.पर क्या ये नो एंट्री के रेकॉर्ड तोड़ पाई है?

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तेरे मेरे फेरे (Tere Mere Phere Movie)

एक तो हास्य फिल्म, दूसरे विनय पाठक- ये दोनों कारण हल्की फुल्की फिल्में पसंद करनेवालों को ज़रूर आकृष्ट करेगी लेकिन फिल्म तेरे मेरे फेरे के शुरुआती 20 मिनट में ही दर्शकों को पूरी फिल्म की ट्रेलर मिल जाती है| शेष, दर्शक अपने धैर्य की सीमा आजमाते हुए पूरी फिल्म निकाल देते हैं| इसकी वजह,  फिल्म में ऐसा हास्य है जिसे देखकर मुस्कुराना तो दूर रोने को दिल चाहता है|